आज फिर से आ पड़ी है वो जरुरत, बादलों के पार जाकर झाँकने की देखकर गहरा तिमिर क्या सोंचता है, छोड़ दे आदत वो अपनी काँपने की

सोमवार, 18 जुलाई 2011

हल्ला बोल: निरीह जानवरों पर अत्याचार आधुनिकता के दिखावे के लिए

मुझे विश्वास नहीं होता ये पढ़कर .... लेकिन सत्य है । कितना अत्याचार होता है अपने देश में इन निर्दोष जानवरों पर ............. आगे पढ़ने के लिए नीचे दिये लिंक पर क्लिक करें .............

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